''मोहाली & नागपुर'' की पिच देखा कर नहीं लग रहा था की ''#DDCA' के Stadium में 3 दिन भी मैच संभव है। इसलिए हमने कोई #Risk न लेते हुए । 1 & 2 days का मैच देखना ज्यादा संभव समझा। किंतु ''Feroz Shah Kotla'' की Pitch और Stadium पिछले मैचों की #Pitch से ज्यादा बेहतर और अच्छी लग रही थी और हुआ भी बिकुल ऐसा ! 5 दिन मैच चला । अगर 42000 Capacity वाले Stadium में 114 crore लग गए तो कोई आश्चर्य की बात नही है । चाहे बजट जो भी रहा हो | क्यों की #Commonwealth Games के समय ''Nehru Stadium'' के Renovation or Repairing का ही #Budget 900 करोड़ आ गया था । शेष पहलू की #Knowledge मुझे नही है आप #Arun Jaitley और #Arvind Kejriwal JI के आरोप और प्रत्यारोप की राजनीति पर #Focus कर सकते है | ''तिल से ताड़'' की राजनीति के लिए केजरीवाल जी से संपर्क किया जा सकता है | #SumitMonss ☝
Friday, December 18, 2015
Sunday, August 2, 2015
SomeOne Ask------What is love.??
What I Replied-----Seriously We Can't Define luv....bcoz it is indefinable Thing.....Everyone Define Luv in His Own Way...what They Feel Fr SomeoNe....bt According To My- Wen U Luv Someone Den U r Nt Excepting To her Dat She Luv U Back Also.... :-) :-) you Sacrifice Anything Fr Her....even She Hate you.... You Always Want nd Wish Ony Fr Her..... It's Only Depend On Mutual Understanding......bt wen u want something In return den I think it's Nt A True Luv.......nd Lst one Everyone Say Luv Hurts !! Bt that is Nt A True Luv....Luv Covers up All Urs Pain nd Makes Someone feel Wonderful Again...:- <3
Shame on Media !!
ये हमारे देश का दुर्भाग्य ही है | की #याकूबमेमन जैसे लोगो को कोई ''श्री'' तो कोई ''शाहब'' लगा के बात करता है |''इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और प्रिंट मीडिया'' के पेज पर और न्यूज़ पर 1st News ''याकूब मेमन'' की होती है और @A.P.J.Abdul Kalam जैसे महान लोगो को ''Side CoRNer'' मै कर दिया जाता है । हमारे देश में सबसे ज्यादा कोई पक्षपात करता है तो वो है मीडिया किसी को को भी #Villain और #Hero बना देती है | इसलिए ही ''सलमान खान और संजय दत्त'' जैसे अपराधी आज भी ;सुपरस्टार है । एक क्रिमिनल को बचाने के लिए ''प्रशांत भूषण'' जैसे राजनेता भारत के इतिहास में पहेली बार रात में भी ''सुप्रीम कोर्ट'' खुलवाते है …पता नही किस #महात्मा को ये लोग बचा रहे थे !!?!! मीडिया को शर्म आनी चाहिए …जो की एक आतंकवादी के लिए इतना Coverage करती है । उनको तो अपने एक एक पेज पर बस @A.P.J.Abdul Kalam को CoVer करना चाहिए था…। -ये मेरे अपने विचार है सुमित चतुर्वेदी
Saturday, July 4, 2015
स्वामी जी को पुण्यतिथि पर मेरा शत-शत नमन!
********* स्वामी जी को पुण्यतिथि पर मेरा शत-शत नमन! !***********
स्वामी विवेकानंद जी के जीवन से हम बहुत से लोग प्रभावित होते है | क्या हमने कभी भी अनेक उद्देश्य पर चलने की कोशिश की मुझे लगता है-बिल्कुल नही.....और जिस दिन हम उनके सिद्धांतों पर चलने के लिए एक कदम भी बढायेंगे उस दिन ये देश ‘’भारत’’ फिर से; ‘विश्व गुरु’ हो जाएगा |
स्वामी जी के सबसे प्रथम सिद्धांतो में से एक है ‘’अनुशासन’’ जो की आज-कल के लोगों के पास बिलकुल भी नही है | दूसरा सिद्धांत‘’मानवता’’ जो की पता नही कहा है आज के युग में |?| हमारी ये धारणा है की हम सब संसार की सवोच्च जाति से है....ये ही धारणा भारत की उन्नति में सबसे बड़ी बाधा है | और तीसरी ‘’नारी सशक्तिकरण’’ इस देश में स्त्रियों और पुरुषों में इतना भेद क्यों है !! क्यों हम बस नारी को एक वस्तु की तरह देखते है क्यों हम उनको बस एक संतान उत्पादक मशीन समझते है स्वामी जी कहते है इस देश का जब तक भला नही हो सकता है जब तक इस देश में नारी की स्थिति नही सुधरती है.........स्वामी विवेकानंद जी ने कहा है जब भी तुम एक बहुत ही सुन्दर लड़की या औरत देखो तो उसके मन ही मन चरण स्पर्श करो की तुम को एक स्त्री में माँ-काली के दर्शन हुए है अपनी सोच से परे जाओ । तभी ये देश फिर से ‘विश्व गुरु’ बनेगा हमेशां सत्य की खोज करो |उठो जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाये |
ये मेरे अपने विचार है सुमित चतुर्वेदी
स्वामी विवेकानंद जी के जीवन से हम बहुत से लोग प्रभावित होते है | क्या हमने कभी भी अनेक उद्देश्य पर चलने की कोशिश की मुझे लगता है-बिल्कुल नही.....और जिस दिन हम उनके सिद्धांतों पर चलने के लिए एक कदम भी बढायेंगे उस दिन ये देश ‘’भारत’’ फिर से; ‘विश्व गुरु’ हो जाएगा |
स्वामी जी के सबसे प्रथम सिद्धांतो में से एक है ‘’अनुशासन’’ जो की आज-कल के लोगों के पास बिलकुल भी नही है | दूसरा सिद्धांत‘’मानवता’’ जो की पता नही कहा है आज के युग में |?| हमारी ये धारणा है की हम सब संसार की सवोच्च जाति से है....ये ही धारणा भारत की उन्नति में सबसे बड़ी बाधा है | और तीसरी ‘’नारी सशक्तिकरण’’ इस देश में स्त्रियों और पुरुषों में इतना भेद क्यों है !! क्यों हम बस नारी को एक वस्तु की तरह देखते है क्यों हम उनको बस एक संतान उत्पादक मशीन समझते है स्वामी जी कहते है इस देश का जब तक भला नही हो सकता है जब तक इस देश में नारी की स्थिति नही सुधरती है.........स्वामी विवेकानंद जी ने कहा है जब भी तुम एक बहुत ही सुन्दर लड़की या औरत देखो तो उसके मन ही मन चरण स्पर्श करो की तुम को एक स्त्री में माँ-काली के दर्शन हुए है अपनी सोच से परे जाओ । तभी ये देश फिर से ‘विश्व गुरु’ बनेगा हमेशां सत्य की खोज करो |उठो जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाये |
ये मेरे अपने विचार है सुमित चतुर्वेदी
संवाद की कला !!!
:) (y) :).... ‘’संवाद की कला’’.:) (y) :)
प्रत्येक व्यक्ति किसी ना किसी के ‘’संवाद की कला’’से प्राभावित होता है जिस का उस पर गहरा असर होता है| वेशक मेरे पर भी ‘था’ और ‘’रहेगा’’ | और वो थे मेरे ताऊ जी ‘’स्वर्गीय श्री गोवेर्धन नाथ चतुर्वेदी’’ भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ट नेता बरेली से.......वो बहुत ही अच्छे वक्ता थे लेकिन जब तक मुझे संवाद का महत्व और लोगों से प्रभावित होने की समझ आई तब तक वो हमारे साथ नही थे | इसका मुझे खेद है और हमेशा रहेगा परन्तु एक अच्छी बात ये हुई की मेरे ताउ-जी; ‘’स्वर्गीय श्री प्रमोद महाजन’’ के बड़े ही अच्छे मित्र थे | और महाजन जी; बीजेपी के कितने ‘’वरिष्ट और दिग्गज’’ नेता थे...ये बताने की जरुरत नही है ! और महाजन जी; के पास जो ‘’संवाद की कला’’ थी वो सब राजनेताओं के पास नही होती है | मेरे ताऊ जी के दिहांत के उपरांत बरेली के और आसपास के अखवारो और मीडिया में जो खबरे आई उसमे लिखा था | की ‘’भारतीय जनता पार्टी’’ के बरेली के ‘’प्रमोद महाजन’’ नही रहे | ये दुखत था की महाजन जी का भी दिहांत उसके कुछ वक़्त बाद ही हो गया था....जो में अपने ताऊ-जी के संवाद सुनने से वंचित रह गया था | बस आज इंटरनेट के माध्यम से पूरा कर रहा हु | कुछ महाजन जी की....Videos देखा कर | -सुमित चतुर्वेदी
प्रत्येक व्यक्ति किसी ना किसी के ‘’संवाद की कला’’से प्राभावित होता है जिस का उस पर गहरा असर होता है| वेशक मेरे पर भी ‘था’ और ‘’रहेगा’’ | और वो थे मेरे ताऊ जी ‘’स्वर्गीय श्री गोवेर्धन नाथ चतुर्वेदी’’ भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ट नेता बरेली से.......वो बहुत ही अच्छे वक्ता थे लेकिन जब तक मुझे संवाद का महत्व और लोगों से प्रभावित होने की समझ आई तब तक वो हमारे साथ नही थे | इसका मुझे खेद है और हमेशा रहेगा परन्तु एक अच्छी बात ये हुई की मेरे ताउ-जी; ‘’स्वर्गीय श्री प्रमोद महाजन’’ के बड़े ही अच्छे मित्र थे | और महाजन जी; बीजेपी के कितने ‘’वरिष्ट और दिग्गज’’ नेता थे...ये बताने की जरुरत नही है ! और महाजन जी; के पास जो ‘’संवाद की कला’’ थी वो सब राजनेताओं के पास नही होती है | मेरे ताऊ जी के दिहांत के उपरांत बरेली के और आसपास के अखवारो और मीडिया में जो खबरे आई उसमे लिखा था | की ‘’भारतीय जनता पार्टी’’ के बरेली के ‘’प्रमोद महाजन’’ नही रहे | ये दुखत था की महाजन जी का भी दिहांत उसके कुछ वक़्त बाद ही हो गया था....जो में अपने ताऊ-जी के संवाद सुनने से वंचित रह गया था | बस आज इंटरनेट के माध्यम से पूरा कर रहा हु | कुछ महाजन जी की....Videos देखा कर | -सुमित चतुर्वेदी
Monday, June 29, 2015
Watching India's Daughter !!
एक तरफ तो हम अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की बात करते है | और एक तरफ हम एक ''सच्चे ऐक्सीडेंट'' पर बनी फिल्म पर प्रतिबंध लगाते है । ''Reason'' देते है की इस से हमारे समाज पर एक गलत ''Message' 'जायेगा इतनी फिल्मे बनती है उनसे कोन सा सही संदेश जाता है !! ये दोहरा मापदण्ड क्यों ? यहाँ तो भी.…… एक झंझोर देने वाली शर्मनाक घटना है। शायद लोगों को कुछ सोचने पर मजबूर करेगी !! --सुमित चतुर्वेदी
Wednesday, June 10, 2015
''साफ-सफाई'':-
Aaj ki New Generation kisi ki ''साफ-सफाई'' KaRe ya Na KaRe bt Vo Apne Computer's KI Browsing History definitely ''साफ'' Karti hai...
गुस्ताखी माफ़ ::-
Ek FILM में चाय बेचने वाला ''मिलियनेयर'' बनता है Real Life में Prime Minister.......काश हम सब चाय वाले होते | किस्मत हो तो चाय बेचने वालो जैसी |
Reading Ethics :-
Mahatma Gandhi Said ''Politics without principle'' Is not possible. हमारे देश में ''Politics तो है | किन्तु Principle'', कहाँ है ?
—सत्य सिर्फ एक है ''शिव''''
Never Expect Anything From Anyone, Because Expectations Always Hurts You....''स्वामी विवेकानंद कहते है जानवर भी कभी अपने बच्चों से या किसी से कुछ ''Expect'' नही करता फिर तो हम '' Human being'' है....हम क्यों करते है । ये सब दुनिया FaKe है। .. सत्य सिर्फ एक है ''शिव''''
सही कहा है किसी ने हम ये देखा रहे की मंगल ग्रह पर जीवन है या नही परन्तु ये कोई नही देखा रहा की जीवन में मंगल है या नही ---
पंतनगर ...
कुछ यादें बाकी हैं अब भी बीत गए उन सालों की
रौशन चेहरा पापा का और मां के लम्बे काले बालों की
अटल हिमालय के आँगन में एक बड़ा अहाता था
विश्व विख्यात विद्यालय था जो पंतनगर कहलाता था
कैम्पस में रहने वाले हम कैम्पस स्कूल ही जाते थे
बस की भागमदौड़ नहीं बस पैडल ही मारे जाते थे
सुबह सुन्दर आनंदित करती दोपहर आराम कराती थी
सुनहले गेंहू की गोल रोटियां मां गरम गरम खिलाती थी
फ़िक्र बंद थे फ़िक्रमंद नहीं सो आराम से हम सो जाते थे
यार दोस्तों को चैन कहाँ बैट बौल के साथ उठाते थे
बिना काम के व्यस्त बड़े थे पर शाम ढले घर आते थे
क्योंकि अक्सर पापा हाट से रामेश्वर के गरम समोसे लाते थे
पता नहीं क्यों समोसों में तब फैट नहीं पाया जाता था
दूध भी घर पर डबल मलाई वाला ही मंगवाया जाता था
आर्गेनिक थीं सभी सब्जियां चाव से खायी जाती थीं
स्ट्रैस जैसी कठिन बीमारियाँ वहां नहीं पायी जाती थी
बगल में रहते बंगाली अंकल रोचक किस्से सुनाते थे
काजी अंकल होली पर सबसे पहले चंदा दे कर जाते थे
“तारक मेहता का उल्टा चश्मा” जैसा वो गोकुल धाम था
पंतनगर पावन अति प्यारा सुन्दर सकल सुख धाम था
ट्रैफिक सिग्नल की लाइट नहीं थी बिना बात की फाइट नहीं थी
टेंशन की कोई साईट नहीं थी , कम पैसों में भी हालत टाईट नहीं थी
पीज़ा हट की बाईट नहीं थी कुछ रास्तों पर भी लाईट नहीं थी
फिर भी अक्सर अँधेरे में जब टहलने घंटा घर को जाते थे
ऊपर तारे नीचे जुगनू हाथ पकड़ ले जाते थे
पर अब चौबीस घंटे लाईट में भी अक्सर अँधेरा हो जाता है
कल तो दिखता ही नहीं और आज भी धुंधला सा ही नज़र आता है
शहर की भागम भाग बड़ी है समय के साथ जंग छिड़ी है
हर एक समस्या बहुत बड़ी है मुश्किल दिखती हर घड़ी है
क्योंकि जो है उसका संतोष नहीं है, खुशीयों का कोष नहीं है
कहाँ हैं इसका होश नहीं हैं , जीने का वो जोश नहीं है
बस निन्यानवे का फेर सभी को चक्रव्यूह सा घुमाता है
मां का वो निर्मल आँचल हर दिन याद आता है
लम्बी छुट्टीयों की प्रतीक्षा में
-अनूप चतुर्वेदी
EatiNg MaGg! !!!!!@@@!!!!!
''Lyf Without AdvEntuRe'' 8| 8|
''ConVer$at!on Without CoNfus!oN''
And ''Khane K@ M@JA''.....WithOut ''''KhAufF & FeAR'''; HoNi Ni Sakta Ha!,
''ConVer$at!on Without CoNfus!oN''
And ''Khane K@ M@JA''.....WithOut ''''KhAufF & FeAR'''; HoNi Ni Sakta Ha!,
HeiGht Of Nonsense :--
Ek Tym Tha Jab Ladkiya DusRo Ki FavoRite Hoti Thi !!!!
Bt
:
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After J@b We M€t Ke Baad Apne Aap ki FAvoRite HoNe L@g GYi....
Bt
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After J@b We M€t Ke Baad Apne Aap ki FAvoRite HoNe L@g GYi....
Saturday, May 16, 2015
गुस्ताखी माफ़
Ek
FILM में चाय बेचने वाला ''मिलियनेयर'' बनता है Real Life में Prime Minister.......काश हम सब चाय वाले होते | किस्मत हो तो चाय बेचने वालो जैसी |
देश की दिशा
अतीत में जो ''Ruling PartY'' थी जब Vo ''FDI'' लेकर आती थी तो अतीत की ''Opposition Party'' उसका विरोध करती थी और जब कल की ''Opposition party'' जो आज की ''Ruling Party'' है| वो ''FDI'' लेकर आती है तो कल की ''Ruling Party'' जो आज की ''Opposition Party'' है | वो उसका विरोध करती है | क्या राजनीति है | भाई?
छल-छंदों से
एक बात तो स्पष्ट है की बिना विभीषण के लंका विजय नही हो सकती है | किन्तु संशय इस बात से होता है की ''किरण बेदी''जैसे लोग अपने सिद्धांतों से क्यों समझौता कर लेते है |
"युद्धों में कभी नहीं हारे हम डरते हैं छल-छंदों से ,हर बार पराजय पायी है अपने घर के जयचंदों से"....@Dr. Kumar Vishwas........
"युद्धों में कभी नहीं हारे हम डरते हैं छल-छंदों से ,हर बार पराजय पायी है अपने घर के जयचंदों से"....@Dr. Kumar Vishwas........
हिंदू धर्म के पक्ष में अगर कुछ बोलना ही है तो ऐसी बात तो करो, जो हिंदू औरतों को पसंद आए।
जो बाबा-महाराज सलाह देते है कि हिंदू औरतों को चार बच्चे पैदा करने चाहिए। वो खुद पहले चार बच्चे पैदा करे । क्यों की ''चाणक्य नीति'' कहती है | की उदाहरण रखो, उदाहरण बनो, किसने तुम्हें रोक रखा है? बढ़ो, आगे बढ़ो…”-सुमित चतुर्वेदी के दृष्टिकोण से
Wi-Fi Ki politics
देखिये जब आपको 'Authority &
Responsibility'' प्राप्त होती है तो Automatically Aap ki
Accountability bhi Banti hai....Bt Jab Aap ''Prime Minister''{चाय वाले} 10 लाख का सूट !!! पहनते है | और Apne Ministers Ke ''विवादास्पद बयान''...Par Silent रहते है तो Public को ये बात ''Digest, नहीं होती है | इसलिए ye Result toh
Expected tha ही |
Friday, May 15, 2015
We Are ‘’Human’’ 1st, Before ‘’Being Human’’
We
Are ‘’Human’’ 1st, Before ‘’Being Human’’
देखिये आज कल चर्चा में ‘’Being Human’’ है ये ‘’Being Human’’ है Bollywood
के ‘’दबंग खान सलमान’’ 13 सालो बाद तो इनको सजा मिली और उसके कुछ घंटो में ही
हाईकोर्ट से दो दिन की अंतरिम जमानत मिल गयी | ये Being-Human का ‘Stardom’ है या हमारे न्यायालो पर एक सवाल ? बाद में उच्य न्यायालय ने
निचली अदालत से मिली सजा को निलंबित कर दिया | देखने वाली बात ये की समस्त Bollywood परिवार सलमान के Support में साथ था | जेसे की इनको गलती की सजा नही बिना किसी गलती की सजा मिली हो | Ek ‘’Famous Singer’’ ने इनके Support में ;Tweet’ किया ‘’ध्यान केंदित करना- ‘’कुत्ता
रोड पर सोएगा,कुत्ते की मोत मरेगा रोड गरीब के बाप की नही है’’ | ये शब्द थे| Singer अभिजीत भट्टाचार्य के अब इन मंदबुद्धि को कोन समझाये
की जिन लोगो ने इनको ‘’अभिजीत
भट्टाचार्य से, अभिजीत दा’ बनाया आज ये एक झूठी
हमदर्दी दिखाने के लिए उन लोगो को ही कुत्ता बोल रहे है | चलो जाने दीजिए एक दिन इनका
भी वक़्त आयेगा | हो सकता है की ये नया शोध हो कि फुटपाथ कुत्तों के लिए होता है आदमियों के लिए नहीं। क्यों की हमारी Society और इनकी Society भिन्न-भिन्न
है | Like A Deepika Padukone – 'My Choice'….
इन दिनों सलमान के परोपकारो की चर्चा है वो
सब की बड़ी मदद करते है इस लिए इनकी सजा माफ़ होनी चाहिए | क्या सलमान खान हमेशा से
ही एसे इंसान थे ? हो सकता है ‘’Being Human’’Foundation का
Idea उनके वकीलों ने दिया हो 2005-06 में जब उनके Defence के लिए
कोई रास्ता नही बचा हो | की आप समाज के
मसीहा बनिए दान-पुन कर के ‘’May be In Future Vo Aap ke Defence’’ के लिए एक
अच्छा [Weapon’] हो | मान भी लिया जाये की ऐसा नही था .....तो भी क्या सलमान खान
हामेशा से एक दरिया दिल इन्सान थे ? मेरे हिसाब से उत्तर है बिल्कुल नही ....1998 ‘’हम
साथ साथ है’’- फिल्म की Shooting के वक़्त ‘’काले हिरण का Matter हो या 2001 में ऐश्वर्या
राय के पिता द्वारा पुलिस में सलमान की शिकायत हो या फिर उनकी GirlFriend, से उनके रिश्ते ‘’सोमी अली, संगीता बिजलानी, या कटरीना कैफ’ हो
सब ने सलमान का रुद्ध-रूप देखा और उनसे दूर चली गयी या फिर ऐश्वर्या
राय के मित्र विवेक अब्रॉय से उनका पंगा हो वो तो Media की चर्चा में काफी वक़्त तक
रहा था | nd Big-Boss हो या कोई ‘’Award
Function’’ सलमान के स्वभाव से सब परिचित है.......मुझे
2003 के News-paper की Ek Line याद आती है’|
‘’हिरण का करे शिकार हीरोइन से करे तकरार अंधा धूत चलाये
कार हीरो बना खूखार | देखिए आप बहुत से लोगो के लिए ‘’IDOL’’ है आप अपनी गलती को
Accept, करे और एक Example set करे असली ‘’Being Human’’ वाला | की हाँ मुझसे गलती हो गयी और में उसके लिए प्रायश्चित करता हूँ ....आप कभी भी एसी गलती ना करे जो मेंने की तब
जाकर सलमान भाई आप के सच्चे Being-Human बनेगे | और अंत में ''चाणक्य नीति'' कहती है इंसान को उसकी गलती की सजा मिलनी ही चाहिए वो आज मिले या कल क्यों की
इंसान बदलता है उसकी फिदरत नही |
ये मेरे अपने विचार है ! सुमित चतुर्वेदी
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