Saturday, July 4, 2015

संवाद की कला !!!

                                             :) (y) :).... ‘’संवाद की कला’’.:) (y) :)
प्रत्येक व्यक्ति किसी ना किसी के ‘’संवाद की कला’’से प्राभावित होता है जिस का उस पर गहरा असर होता है| वेशक मेरे पर भी ‘था’ और ‘’रहेगा’’ | और वो थे मेरे ताऊ जी ‘’स्वर्गीय श्री गोवेर्धन नाथ चतुर्वेदी’’ भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ट नेता बरेली से.......वो बहुत ही अच्छे वक्ता थे लेकिन जब तक मुझे संवाद का महत्व और लोगों से प्रभावित होने की समझ आई तब तक वो हमारे साथ नही थे | इसका मुझे खेद है और हमेशा रहेगा परन्तु एक अच्छी बात ये हुई की मेरे ताउ-जी; ‘’स्वर्गीय श्री प्रमोद महाजन’’ के बड़े ही अच्छे मित्र थे | और महाजन जी; बीजेपी के कितने ‘’वरिष्ट और दिग्गज’’ नेता थे...ये बताने की जरुरत नही है ! और महाजन जी; के पास जो ‘’संवाद की कला’’ थी वो सब राजनेताओं के पास नही होती है | मेरे ताऊ जी के दिहांत के उपरांत बरेली के और आसपास के अखवारो और मीडिया में जो खबरे आई उसमे लिखा था | की ‘’भारतीय जनता पार्टी’’ के बरेली के ‘’प्रमोद महाजन’’ नही रहे | ये दुखत था की महाजन जी का भी दिहांत उसके कुछ वक़्त बाद ही हो गया था....जो में अपने ताऊ-जी के संवाद सुनने से वंचित रह गया था | बस आज इंटरनेट के माध्यम से पूरा कर रहा हु | कुछ महाजन जी की....Videos देखा कर | -सुमित चतुर्वेदी

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