********* स्वामी जी को पुण्यतिथि पर मेरा शत-शत नमन! !***********
स्वामी विवेकानंद जी के जीवन से हम बहुत से लोग प्रभावित होते है | क्या हमने कभी भी अनेक उद्देश्य पर चलने की कोशिश की मुझे लगता है-बिल्कुल नही.....और जिस दिन हम उनके सिद्धांतों पर चलने के लिए एक कदम भी बढायेंगे उस दिन ये देश ‘’भारत’’ फिर से; ‘विश्व गुरु’ हो जाएगा |
स्वामी जी के सबसे प्रथम सिद्धांतो में से एक है ‘’अनुशासन’’ जो की आज-कल के लोगों के पास बिलकुल भी नही है | दूसरा सिद्धांत‘’मानवता’’ जो की पता नही कहा है आज के युग में |?| हमारी ये धारणा है की हम सब संसार की सवोच्च जाति से है....ये ही धारणा भारत की उन्नति में सबसे बड़ी बाधा है | और तीसरी ‘’नारी सशक्तिकरण’’ इस देश में स्त्रियों और पुरुषों में इतना भेद क्यों है !! क्यों हम बस नारी को एक वस्तु की तरह देखते है क्यों हम उनको बस एक संतान उत्पादक मशीन समझते है स्वामी जी कहते है इस देश का जब तक भला नही हो सकता है जब तक इस देश में नारी की स्थिति नही सुधरती है.........स्वामी विवेकानंद जी ने कहा है जब भी तुम एक बहुत ही सुन्दर लड़की या औरत देखो तो उसके मन ही मन चरण स्पर्श करो की तुम को एक स्त्री में माँ-काली के दर्शन हुए है अपनी सोच से परे जाओ । तभी ये देश फिर से ‘विश्व गुरु’ बनेगा हमेशां सत्य की खोज करो |उठो जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाये |
ये मेरे अपने विचार है सुमित चतुर्वेदी
स्वामी विवेकानंद जी के जीवन से हम बहुत से लोग प्रभावित होते है | क्या हमने कभी भी अनेक उद्देश्य पर चलने की कोशिश की मुझे लगता है-बिल्कुल नही.....और जिस दिन हम उनके सिद्धांतों पर चलने के लिए एक कदम भी बढायेंगे उस दिन ये देश ‘’भारत’’ फिर से; ‘विश्व गुरु’ हो जाएगा |
स्वामी जी के सबसे प्रथम सिद्धांतो में से एक है ‘’अनुशासन’’ जो की आज-कल के लोगों के पास बिलकुल भी नही है | दूसरा सिद्धांत‘’मानवता’’ जो की पता नही कहा है आज के युग में |?| हमारी ये धारणा है की हम सब संसार की सवोच्च जाति से है....ये ही धारणा भारत की उन्नति में सबसे बड़ी बाधा है | और तीसरी ‘’नारी सशक्तिकरण’’ इस देश में स्त्रियों और पुरुषों में इतना भेद क्यों है !! क्यों हम बस नारी को एक वस्तु की तरह देखते है क्यों हम उनको बस एक संतान उत्पादक मशीन समझते है स्वामी जी कहते है इस देश का जब तक भला नही हो सकता है जब तक इस देश में नारी की स्थिति नही सुधरती है.........स्वामी विवेकानंद जी ने कहा है जब भी तुम एक बहुत ही सुन्दर लड़की या औरत देखो तो उसके मन ही मन चरण स्पर्श करो की तुम को एक स्त्री में माँ-काली के दर्शन हुए है अपनी सोच से परे जाओ । तभी ये देश फिर से ‘विश्व गुरु’ बनेगा हमेशां सत्य की खोज करो |उठो जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाये |
ये मेरे अपने विचार है सुमित चतुर्वेदी
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