2018 में "उमा भारती" जी ने अपना ''सिर कलम, करने का वादा किया था ! विकास के रिपोर्ट कार्ड में "मोक्षदायिनी गंगा और यमुना, का विकास धरातल पर तो दिख नहीं रहा | स्वर्ग का मुझे पता नहीं | मंदिर ना सही भक्तो को एक गर्दन तो मिलनी चाहिये माल्यार्पण करने को, अब किस मुँह से हम गंगा संरक्षण मंत्री, "नितिन गडकरी जी से उनका सर मांगे, | #गडकरी जी तो कह देंगे जिसने वादा किया था | वो ही निभायेगा, हमे तो कुछ वर्ष पूर्व ही ज़िम्मेदारी मिली है हमारे गर्दन वाले दायित्व में वक़्त है अभी | और इसके विपरीत जायेंगे तो #उमा जी बोल देंगी गंगा,आपको रिपोर्ट कार्ड में सर्वोच्च स्थान पर दिखती !! पर क्या करे आपके प्रधानमंत्री जी और उच्च मंत्रिमंडल ने विश्वास ही नहीं किया हम पर | 😞 "मंत्रियों और अफसरों', के तबादले बस एक दूसरे की गर्दन बचाने का जरिया भर ही है | दुर्भाग्य ही है की यहाँ देश हित के लिए कुछ नहीं होता |