भारत की खोज का एक अभिन्न हिस्सा थे तुम, बॉम्बे को सलाम थे, मानो या न मानो पर तुममे जज़्बा था,फुटपाथ से मिलियनेयर बनने का, उसके बाद तुम्हारा कारवां कुछ इस कदर चला, ''क्या था,जो तुमने हासिल न किया'' !! पार्टीशन का किस्सा थे हर मेट्रो का हिस्सा थे, जुरासिक की आन थे, बिल्लू की तलवार थे, हिंदी की पाई से अंग्रेज़ी की लाइफ तक क्या था जो तुम्हे मक़बूल ना था । हे इरफान बस तुम थे अब कोई न होगा न भूतो, न भविष्यति !! "Irrfan अमर है" । ~~ सुमितमोन्स
