Friday, May 15, 2015

We Are ‘’Human’’ 1st, Before ‘’Being Human’’

We Are ‘’Human’’ 1st, Before ‘’Being Human’’
देखिये आज कल चर्चा में ‘’Being Human’’ है ये ‘’Being Human’’ है Bollywood के ‘’दबंग खान सलमान’’ 13 सालो बाद तो इनको सजा मिली और उसके कुछ घंटो में ही हाईकोर्ट से दो दिन की अंतरिम जमानत मिल गयी | ये Being-Human का ‘Stardom’ है या हमारे न्यायालो पर एक सवाल ? बाद में उच्य न्यायालय ने निचली अदालत से मिली सजा को निलंबित कर दिया | देखने वाली बात ये की समस्त  Bollywood परिवार सलमान के Support में साथ था | जेसे की इनको गलती की सजा नही बिना किसी गलती की सजा मिली हो | Ek ‘’Famous Singer’’ ने इनके Support में ;Tweet’ किया ‘’ध्यान केंदित करना- ‘’कुत्ता रोड पर सोएगा,कुत्ते की मोत मरेगा रोड गरीब के बाप की नही है’’ | ये शब्द थे| Singer अभिजीत भट्टाचार्य के अब इन मंदबुद्धि को कोन समझाये की जिन लोगो ने इनको ‘’अभिजीत भट्टाचार्य से, अभिजीत दा’ बनाया आज ये एक झूठी हमदर्दी दिखाने के लिए उन लोगो को ही कुत्ता बोल रहे है | चलो जाने दीजिए एक दिन इनका भी वक़्त आयेगा | हो सकता है की ये नया शोध हो कि फुटपाथ कुत्तों के लिए होता है आदमियों के लिए नहीं।  क्यों की हमारी Society और इनकी Society भिन्न-भिन्न है | Like A Deepika Padukone – 'My Choice'….
   इन  दिनों सलमान के परोपकारो की चर्चा है वो सब की बड़ी मदद करते है इस लिए इनकी सजा माफ़ होनी चाहिए | क्या सलमान खान हमेशा से ही एसे इंसान थे ? हो सकता है ‘’Being Human’’Foundation का Idea उनके वकीलों ने दिया हो 2005-06 में जब उनके Defence के लिए कोई रास्ता नही बचा हो | की आप समाज के मसीहा बनिए दान-पुन कर के ‘’May be In Future Vo Aap ke Defence’’ के लिए एक अच्छा [Weapon’] हो | मान भी लिया जाये की ऐसा नही था .....तो भी क्या सलमान खान हामेशा से एक दरिया दिल इन्सान थे ? मेरे हिसाब से उत्तर है बिल्कुल नही ....1998 ‘’हम साथ साथ है’’- फिल्म की Shooting के वक़्त ‘’काले हिरण का Matter हो या 2001 में ऐश्वर्या राय के पिता द्वारा  पुलिस में सलमान की शिकायत हो या फिर उनकी GirlFriend, से उनके रिश्ते ‘’सोमी अली, संगीता बिजलानी, या कटरीना कैफ’ हो सब ने सलमान का रुद्ध-रूप देखा और उनसे दूर चली गयी या फिर ऐश्वर्या राय के मित्र विवेक अब्रॉय से उनका पंगा हो वो तो Media की चर्चा में काफी वक़्त तक रहा था | nd Big-Boss हो या कोई ‘’Award Function’’ सलमान के स्वभाव से सब परिचित है.......मुझे 2003 के News-paper की Ek Line याद आती है’| ‘’हिरण का करे शिकार हीरोइन से करे तकरार अंधा धूत चलाये कार हीरो बना खूखार | देखिए आप बहुत से लोगो के लिए ‘’IDOL’’ है आप अपनी गलती को Accept, करे और एक Example set करे असली ‘’Being Human’’ वाला | की हाँ मुझसे गलती हो गयी और में उसके लिए प्रायश्चित करता हूँ ....आप कभी भी एसी गलती ना करे जो मेंने की तब जाकर सलमान भाई आप के सच्चे Being-Human बनेगे | और अंत में ''चाणक्य नीति'' कहती है इंसान को उसकी गलती की सजा मिलनी ही चाहिए वो आज मिले या कल क्यों की इंसान बदलता है उसकी फिदरत नही |
ये मेरे अपने विचार है ! सुमित चतुर्वेदी



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