Saturday, September 7, 2019

नोबेल अवार्ड रैमॉन मैगसेसे

उनको आज एशिया का नोबेल अवार्ड रैमॉन मैगसेसे मिला, भक्तजन प्रोत्साहित नहीं कर सकते तो, उन्होंने ट्रोल करना शुरू कर दिया । अब ट्रोल कैसे किया, वक़्त की गति रोककर "2013 की जीडीपी की तुलना 2019' से की 20 सेकंड की एक प्राइम टाइम की वीडियो से, यह ऐसा है जैसा की 6 वर्ष पुराना आपका "सैलरी स्टेटमेंट" लेकर में आज की सैलरी से मैच करू ओर बोलू जब 6 वर्ष पहले आप 20 हजार काम रहे थे, तब में कुछ न बोला तो फिर आप आज 20 हजार काम रहे है तो में क्यों बोल रहा हूं ? 'खेर जाने दीजिये 2010 से रविश कुमार को सुन रहा हूँ उनका सवाल करने का तरीका आज भी वैसा है जैसा 10 साल पहले हुआ करता था और प्रेजेंटेशन वैसी जैसी "रविश की रिपोर्ट" की हुआ करती थी । 2012 में उनसे बहुत से प्रश्न के उत्तर चाहिए थे तो उनको डायरेक्ट फेसबुक पर मैसेज सेंड कर दिया, और उत्तर भी आया 'यु सब्सक्राइब मी' उसके बाद बहुत ईमेल किये शायद मेरे जैसे प्रश्न बहुत से लोगो के रहे होंगे तो अधिकांश के उत्तर मिल गए और रविश जी ने मथुरा आकर "यमुना" पर ''रविश की रिपोर्ट'' भी बना दी । शायद मोदी जी की कुछ आलोचना के व्यतिगत कारण रहे है रविश जी के ? हो सकता है "आप ऐसी फ़कीरी कहा से लाते है ? आप आम खाते है क्या"? ऐसे सवाल नही कर सकते है । बधाई हो "रविश जी" 🎉 स्क्रीनशॉट संलग्न 👇 #RavishWinsMagsaysay 

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