Tuesday, October 2, 2018

आइये हम सब मिलकर बनाये अपने सपनो का भारत ''समृद्ध भारत'' ‘स्वच्छ भारत '

पितृ पक्ष हो, या कोई भी पक्ष, 'श्राद्ध हो, या कोई 'उत्सव, पुण्य बस, ब्राह्मणो को या किसी को भोजन कराने भर से नहीं मिलता है | पुण्य के लिए हृदय से, और व्यापक स्तर, पर ''राष्ट्र के लिए, भगवान के लिए, अपनों के लिए,'' 'समर्पित होना पड़ता है | कुछ महीनो पूर्व अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) में लोगो ने बहुत पुण्य के काम किये श्रद्धालु की बहुत सेवा की किन्तु ''खाने की स्टाल'' के साथ, एक डस्टबिन (कचरे का डिब्बा) साथ रखते तो, यकीन मानिये भगवान और ज्यादा प्रसन्न होते | खेर जाने दे, अब श्राद्ध करने के बाद ''दोना पत्तल'' गली-मुहल्लों और सड़क में ना डाले डस्टबिन में या किसी प्लास्टिक,कपडे या आटे के बैग में डाले | और सुबह सफाई कर्मचारी को दे | आप से एक अनुरोध | आइये हम सब मिलकर बनाये अपने सपनो का भारत ''समृद्ध भारत'' ‘स्वच्छ भारत ''|

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