Thursday, September 6, 2018

आज सुबह-सुबह #Article370 मिला

"आज सुबह-सुबह #Article370 मिला बड़ा उदास दिखाई दे रहा रहा था", 'मैने पूछा कहे इतने उदास दिख रहे हो, बोला क्या बताये सुमित भईया !! में बोला बता ही दो यार तुम्हारी सकल पर सुबह-सुबह ये उदासी हमे अच्छी न लगे | बोलो भैया घर वाले के साथ इंसाफ ना है रहो, बाहरी सेक्शन के साथ है रहो है |
अच्छा तो आर्टिकल370 साहब तुम सेक्शन377 के इंसाफ से परेशान हो ? हाँ, सुमित भैया हाँ, मैं बोला चिंता मत करो तुम्हारा भी नंबर आएगा 2019 के चुनाव आने दो | 'बोला चुनाव तो बहाना है, हम आर्टिकल #377 और #राममंदिर को तो हमेशा ठगे ही जाना है | सच है भाई लोकतान्त्रिक नेता लोकतंत्र में कुछ मुद्दों की तंत्र की तरह आहुति देते है इसलिए मुद्दों को दफनाया नहीं जाता है जिन्दा रखा जाता है अपनी राजनीति को जिन्दा रखने के लिए |

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